बुआ को नंगा करके उनकी गांड मारी

हैल्लो दोस्तों,

मेरा नाम सतीश है। मैं बिहार के एक छोटे से गाँव में रहता हूँ। मेरी उमर 22 साल है और हाईट 5.9″ है। लण्ड 7 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है। मेरा लण्ड एक दम किसी मोटे तगड़े बेलन की तरह मोटा और लंबा है। उस वक़्त मेरी उम्र उस चरण पर थी। जब मैं अपने लण्ड की खुराक ढूंढता रहता था। मुझे तो अक्सर सपने भी चुदाई वाले ही आते थे।

तो चलिए आप सभी को अब सीधा अपनी कहानी पर ले चलता हू !! ये कहानी मेरी और मेरी बुआ की है. मेरी बुआ की फिगर 36 30 38 है. उनकी उम्र करीब करीब 40 साल है. वो अक्‍सर मेरे घर आया करती थी।

मेरी उनपर कभी गंदी नजर नही थी लेकिन, गर्मी की मेरी छुट्टीया चल रही थी. मै घर पर ही रहता था। एक दिन बुआ मेरे घर आयी. मै बहुत खुश हुआ था। उन्‍होंने लाल रंग का सुट पहने था जो कि बहुत टाईट था।

उनके बूब्स बाहर आने को तडप रहे थे, उनकी बडी गांड तो क्‍या बताऊ दोस्‍तों ! देख के पागल सा हो गया! क्‍या गांड थी … बहुत मोटी और जब वो चलती तब उनके बुब्‍स और गांड उपर निचे उछलती. मेरा तो देख के लंड ही खडा हो गया !!

अगले दिन बुआ मेरे कमरे मे सफाई करने आई लेकिन मै सो रहा था. मै अक्‍सर अंडरवेअर या शॉर्ट मे ही सोता हू ! जैसे ही बुआ मेरे कमरे मे आई तो मेरी निंद खूल गई लेकिन मै सोने का नाटक करता रहा।

मैने देखा बुआ झूक झूक के झाडु लगा रही थी। उनके गोरे गोरे और बडे बडे बूब्स लटक कर बाहर की तरफ आधे से ज्यादा आ चुके थे। मूझे बुआ के बूब्स के नजारे साफ दिख रहे थे! बुआ के बूब्स उनके घुटनो से दबाकर और भी बड़े बड़े दिख रहे थे।

और बुआ की बूब्स की गहराइयों को देख कर मेरा मोटा लण्ड फैलाद बन खडा हो गया !! उस वक़्त मै चाह कर भी कुछ नही कर सकता था ! फिर अचानक बुआ की नजर मेरे खडे लंड पर पडी पहले तो वो कुछ बोली नही मगर बार बार दबी निगाहों से मेरे लण्ड को चोरी चोरी देखती रही।

मैं ने भी अपनी उत्सुकता नही दिखाई बुआ झाड़ू लगाती हुई मेरे करीब आई और मुझे नींद में समझ कर मेरे लण्ड को घूरने शायद उस वक़्त बुआ मेरे लण्ड की मोटाई और लंबाई को अंदाज रही थी। फिर वो अभी भी मुझे नींद में समझ के मेरे लंड को सहलाने लगी और सहलाने के साथ सिसकारियां भी भर रही थी.

मेरे अंदर तो मानो लड्डू फुट रहे थे. मेरा मन उनको पडककर चोदने को किया लेकिन मैने हलकी सी हरकत की और बुआ घबराकर चली गई ! मै समझ गया की वो चुदने को बेताब है. शाम हुई तो मै बुआ को ढूंढने लगा। वो बालकनी पर खडी थी उनकी पीठ मेरी तरफ थी। उनकी मोटी गांड को देख के मै पागल सा हो गया. क्‍या मोटी और चौड़ी गांड थी कोई भी उनकी फिगर को देख के मुठ मार देगा !!

मेरा भी लण्ड खडा हो गया, और मै उनकी ओर पीछे से बढा और पीछे से उनके कंधे पर हाथ रख दिया। वो अचानक डर कर पिछे हुई तो उनकी गांड मेरे लण्ड से टकरा गई. मेरे लोहे जैसे गरम लण्ड जैसे ही उनकी गांड से टकराया वो चौक गयी।

पहली बार मेरे लण्ड ने बुआ की नर्म गांड को चूमा मै तो खुश हो गया. पर वो बिना कुछ बोले अपने रूम मे चली गई. अगली शाम घर मे बुआ और सिर्फ मै था. मै उन्‍हे सोचके मुठ मारने बाथरूम गया लेकिन दरवाजा बंद करना भूल गया।

बुआ अचानक नहाने के लिए बाथरूम मे घूस गई. मुझे मुठ मारते देख वो हैरान हो गई. और वही खडी हो गई. डर से मैने अपना लण्ड पैंट के अंदर डाल दिया. और बुआ को सॉरी सॉरी कहते हुए बुआ से माफी मांगने लगा। मैंने बुआ से कहा फिर से ऐसा कभी नही करूँगा।

प्‍लीज बुआ आप किसी को बताना मत आप जो बोलोगी मै करने को तैय्यार हूँ। बुआ ने निशिले अंदाज में कहा फिर जैसे मै कहुंगी तुम करोगे ?? मैने जी आप जो बोलेंगी मैं करूँगा प्लीज आप किसी को ये बात मत बताना। बुआ ने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और मुझे कहा अपनी पैंट उतार दो !! मुझे बहुत शर्म आयी.

मैने कहा बुआ मै ऐसे नही कर सकता. बुआ ने कहा उतारो वरना मै सबको बता दुंगी. मैने अपनी पैंट उतार दी. बुआ मेरे पास आयी और मेरी अंडरवेअर पर हात फेरने लगी. मैने कहा बुआ नही ये क्‍या कर रहे हो!! फिर उन्‍होने मुझे किस करना शुरू किया. मेरा भी मुड बनना शुरू हो गया और लण्ड भी खडा हो गया !!!

बुआ मुझे किस कर रही थी. उनकी जीभ मेरी जीभ से टकरा रही थी. किस करते करते मैने उनके बाल पकड लिये और उनके होठों का रस चूसने लगा. वो साथ साथ मेरे लंड को सहला रही थी. बुआ फिर अपने मुह से मेरी शर्ट की बटन खोलने लगी।

उनकी गरम सांसे मुझे और गरम कर रही थी और उनके होठ मेरी छाती को छू रहे थे. मैने भी उनके बूब्स दबाने और मसलने लगा। बुआ के बूब्स इतने बड़े बड़े और मूलायम थे, की मेरे हाथ मे समा नही रहे थे. मै बुआ के गोरे गोर चुचियों को मसल रहा था. वो सिसकिया लेने लगी. आहहहहहह उफफफफ उममममम मममम अममम मम

मैने उनकी कुर्ती मे हाथ डाल दिया और उनके बूब्स को और जोश में मसलने लगा। बुआ पूरी तरह गरम हो चुकी थी ! उन्‍होने मेरा लंड पकडा और मुँह मे ले लिया. वो घुटनो पे बैठ के मेरे लंड को अपने मुँह में पूरा अंदर तक लेने की कोशीश कर रही थी.

मै उनका सर पकडकर लंड आगे पिछे करने लगा। बुआ का मुँह मेरे लण्ड से भर गया था और अब बुआ अममम अममम अममम कर मेरे लण्ड को चूसने लगी मै अब गरम हो गया था। मैंने उनकी कुर्ती उतार दि क्‍या बताऊ दोस्‍तो उनका गोरा बदन और बडे बडे कडक बूब्स देख के मजा आ गया।

अब वो मेरे सामने नंगी खडी थी. मैने उनकी कमर पकडी और अपने तरफ खिंचा उनके बूब्स मेरी छाती से दब कर पाव रोटी की तरह फूल गए थे। मै उन्‍हे किस करने लगा और साथ ही साथ बुआ की पिठ को अपने हाथों से सहला रहा था।

10 मिनट किस करने के बाद उन्‍होने अपनी सलवार उतार दी। उन्‍होंने पॅन्‍टी पहन रखी थी मै उनकी गुलाबी चूत देखते रह गया बुआ की गुलाबी कसी हुई चुत देख मुझसे रहा नही गया। मैंने उन्‍हे दिवार से टिकाया और शॉवर चला दिया पानी की बुंदे उनकी चिकनी पिठ और झुलते बूब्स से होकर नीचे टपक रही थी।

यह देखकर मेरा लंड फटने को आ गया मैने उनकी चुत पर हाथ मारा ताकी उनकी चुत और टाईट हो जाये फिर मैने अपना मोटा लंड उनकी चुत पर रखा तो बुआ बोली सतीश और मत तडपाओ। मैंने एक झटके मे आधा लण्ड अंदर घुसेड़ दिया तो बुआ अहहहह.. सतीश हहूह उम्मह.. रे… करती हुई चींख पड़ी।

एक और झटके मे लण्ड पूरा बुआ की चुत के अंदर कर दिया। वो दर्द से चिल्‍ला रही थी। मुझसे और रहा नही गया और पागलो की तरह बुआ को पीठ पकड कर चोदने लगा। बुआ बोलती रही धीरे धीरे. पर मै नही रूका और जोर से झटके मारते रहा।

बुआ अहहहह आहहहह आहहहह मैं मर गई … आहहहह…. आहहह….. अह….. उफ….. उफ अममम चिल्‍लाती रही… कुछ ही देर में बुआ और मैं झड़ गए हमदोनों का वीर्य एक साथ जमीन पर टपक रहा था। फिर मैं बुआ की गांड देखकर ललचा गया। और फिर से मेरा लण्ड खड़ा हो गया।

फिर मैंने अपने लंड पे क्रिम लगाई और बुआ के गांड की छेद पर भी थोड़ी सी क्रीम लगा दी। फिर बुआ की गांड की छेद पर अपने लण्ड का निसाना लगाया और धक्के के साथ अपना लंड बुआ की गांड में पेल दिया।

बुआ के आंखों में आसू आ गए और वो रोती हुई आ अहह आहह सतीश धीरे से अमम उम्म बोलती रही. मैने धक्‍के मारने चालू रखे. मैंने उनके लटकते गोरे गोरे दोनों बूब्स को पकड लिया और चोदने लगा मैने बुआ की गांड मार मार कर लाल कर दी.

अब हम दोनो झड़ने वाले थे. तो मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और ठाप ठाप कि आवाज के साथ मैं ज़ोर ज़ोर से बुआ की गांड पर अपनी कमर पटक पटक कर बुआ की कस के गांड मारने लगा। बुआ आआआह ओह्ह इस्श इश्स की लंबी किलकारियो के साथ झड़ गयी।

बुआ के पैरों के नीचे जमीन पर बस वीर्य ही वीर्य फैला हुआ था। ज़ोर ज़ोर से बुआ की गांड मारने की वजह से बुआ का मूत और वीर्य एक साथ निकला था। बुआ की गांड में बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन मैं अभी उनकी गांड मार के संतुष्ट नही हुआ था।

उसी दिन रात को सबके सोने के बाद मैं चुपके से बुआ के पास गया बुआ औंधे मुँह गांड ऊपर की ओर किये पलंग पर सोई हुई थी। मैं फिर से उन्हें चुदाई के लिए उकसाने लगा पर उनकी गांड में दर्द होने के कारण वो मना कर रही थी।

पर मैं कहाँ मानने वाला था। मैंने झट से बुआ की सलवार खोल दी और उनकी गांड की दोनों हिस्सो को फैलाते हुए अपना लण्ड उनकी गांड की छेद पर लगाया। और उनके ऊपर लेटकर धकाधक बुआ की गांड मारने लगा। बुआ दर्द के मारे रोने लगी और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगने पर चींखती भी पर वो अपनी आवाज अपने हाथों से दबा दे रही थी।

क्यों कि घर में सभी लोग थे। अगर कोई उनकी आवाज सुन लेता तो बड़ी बदनामी होती। अगले दिन बुआ सुबह उठी तो वो मुझसे बोली कल रात को तूने तो मेरी गांड का रे/प ही कर दिया। मैंने कहा ऐसा नही है क्योंकि पहली बार तो सब आपकी मर्जी से ही हुआ था।

बुआ से दो दिन तक चला नही गया. क्‍योंकि मैने उनकी गांड बहुत जोर से और बहुत देर तक मारी. उम्‍मीद करता हूँ। आपको मेरी कहानी बहुत अच्‍छी लगी होगी। आप ये कहानी सेक्सी कहानी पर पढ़ रहे है।