माँ की चूत का चरमसुख

माँ की चुत का चरमसुख

नमस्कार दोस्तों मैं विवेक दुबे उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला हूं आज मैं आपलोगों को अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं जो मेरे और मेरी माँ के बीच घटी थी

तो मैं अब सीधे कहानी पे आता हूं मेरी माँ का नाम रेखा है और उनकी उम्र 47 साल है 5.7 की हाइट और स्लिम फिट के साथ मेरी माँ बहुत ही सेक्सी लगती है उनका साइज 34 30 32 का है

मई का महीने की चांदनी रात थी मैं और माँ दोनों आंगन में सो रहे थे अचानक मेरी नींद खुली तो देखा कि माँ की साड़ी कमर के ऊपर तक उठी हुई है और ओ गहरी नींद में सो रही है, चाँद के उजाले में उनकी गोरी जांघे मेरे सामने चमक रही थी

मैं उठ के गया तो देखा कि माँ ने पैंटी नही पहनी और उनकी चूत मेरे सामने मुझे दावत दे रही है मेरा तो 7″ का लंड खड़ा हो गया और वही पे खड़े हो के हिला के माँ के बिस्तर पे ही झाड़ के सो गया,

अगले दिन मुझे नींद नही आ रही थी मुझे अपनी माँ के चूत के दर्शन करने थे मैं सोच ही रहा था कि कब माँ की साड़ी ऊपर उठेगी तभी माँ ही उठ के बैठ गयी और आंगन में ही मूतने लगी उनके मूतने की आवाज़ मेरे कानों तक आ रही थी।

जिससे कि मेरा लंड तन के खड़ा हो गया, तभी माँ मेरे पास आ के मुझे देखने लगी कि मैं सो रहा हु ,या जग रहा हूँ तो मैंने अपनी आंखों को बंद कर लिया।

फिर माँ जा के खटिया पे लेट गयी और अपने पैर ऊपर कर के साड़ी को कमर तक उठा ली और उसमें उंगली करने लगी मैंने भी अपना लंड चद्दर के नीचे से निकाल के हिलाने लगा और माँ की गोरी जांघो के देख के मुठ मार रहा था।

तभी माँ शांत हो गयी मुझे समझ नही आया कि ये क्या हुआ और वो सो गई आधे घंटे बाद मैं उठ के माँ के खटिया पर जा के लेट गया माँ करवट ले के लेटी हुई थी और उनकी गांड मेरे तरफ थी।

मैंने अपना लंड निकाल के माँ की गांड में टच कर दिया तभी माँ की नींद खुल गयी और बोली ये क्या कर रहा है तू मैं बोला आप रोज रात को अपनी बुर में उंगली करती हो मैं देख के पागल हो गया हूँ।

इसलिए आप को वो सब देना चाहता हु जो आपको चाहिए माँ बोली तू कब से ये सब देख रहा है तो मैंने कहा बहुत दिन से और उनका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रख दिया तो वो भी झट से पकड़ ली और बोली बेटा तेरा तो बड़ा मोटा है।

मैने कहा सब आप की चूत के लिए ही बना है। माँ बोली कि बेटा कपड़े उतार लेते है डर क्या हम दोनों नंगे हो गए माँ की चुंची देख के मैं तुरंत पकड़ के दबाने लगा जोर जोर से पीने लगा तो माँ ने कहा तेरा ही है आराम से पियो जिंदगी भर पीना है।

उसके बाद मैंने माँ को बोला आप मेरा लौड़ा पियोगी तो वो तुरंत मान गयी और घुटने के बल बैठ के चूसने लगी मैंने भी पूरा लंड उनके मुँह में डाल के अंदर बाहर करने लगा और माँ के मुँह में ही अपना बीज झाड़ दिया।

जिसे माँ सारा पी गयी फिर मैंने माँ को बोला कि फिर से चूस के खड़ा करे तो उन्होंने चूसना चालू कर दिया देखते ही मेरा लंड फिर से रेडी हो गया इस बार मैंने उनकी चूत में डालने के लिए कहा।

तो माँ बोली पहले चाट तो लो अपनी जन्मभूमि फिर मैंने उनकी बुर को चाटना शुरू किया तो चूत से नमकीन पानी आने लगा जिससे मुझे बड़ा मजा आ रहा था फिर माँ बोली बेटा चोद दो अपनी माँ को बना लो अपनी रखैल।

उसके बाद मैं माँ के ऊपर लेट के उनके जिस्म से खलने लगा तभी माँ ने मेरा लंड पकड़ के अपनी बुर के मुँह पे लगा दिया और गांड को ऊपर उठा दिया गांड के ऊपर होते ही पूरा लंड माँ की चूत में घुस गया

फिर क्या मैंने झटके लगाने चालू कर दिए और माँ ने सिसकिया अहह अहह इहि सी और पेलो बेटा आहा बहुत मजा आ रहा है जोर से चुदाई कर मेरे राजा बेटा अपनी माँ की बुर को भोसड़ा बना दे कहते हुए माँ झड़ गयी फिर मैंने माँ को कुतिया इस्टाइल में आने को कहा।

जब वो झुकी तो उनकी बड़ी बड़ी गांड और उसका गुलाबी छेद मेरे सामने था मन तो किया कि गांड में ही लंड डाल दूं। पर मैंने उनकी चूत में लंड डाल के चोदना चालू किया करीब 20 मिनट तक माँ की चुदाई कर के सारा माल माँ के बुर में ही झाड़ दिया।

माँ ने बोला बेटा आज तूने अपनी माँ को चरमसुख दिया है और अब मैं तुझसे रोज चुदाई करवाऊंगी।
तो दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी अगली कहानी में बताऊंगा की माँ ने कैसे मेरे से पहले किसी और का लंड ले रखा था जो कि माँ ने मुझे खुद बताया।

error: Content is protected !!